Description
ये मेरे मित्र है काव्य-रचना मित्रता पर आधारित। मित्रता एक ऐसा शब्द है जो बचपन से जवान और बुढ़ापे तक हमारे जीवन से जुड़ा रहता है। समय-समय पर कुछ पुराने मित्र छूट जाते हैं, नए बन जाते हैं, हमारे मित्र अनेक होते हैं। उनसे हमारी मित्रता बनी रहती है। कुछ मित्र आसपास होते हैं, तो कुछ दूर होते हैं। अनेक लोगों में से एक मित्र दिल के बहुत पास हो जाता है, जैसे सच्ची मित्रता का सबसे सुंदर उदाहरण— भगवान कृष्ण और सुदामा की अटूट, निश्छल और आजीवन चलने वाली दोस्ती।






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