Indradhanushi Ehasas

382.00


Back Cover

भावनाएं जीवन की सबसे खूबसूरत और जीवंत तस्वीरें होती हैं। जिस प्रकार बारिश के बादलों को चीरती हुई धूप और पानी की बूंदें मिलकर एक मनमोहक इंद्रधनुष बनाती हैं, ठीक उसी प्रकार हमारे जीवन में आने वाले सुख-दुख, प्रेम, विरह, उत्साह और निराशा के पल मिलकर ‘इंद्रधनुषी एहसास’ का निर्माण करते हैं।यह पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह जिंदगी के किसी-न-किसी मोड़ पर महसूस किए गए उन सभी रंगों को पन्नों पर उतारने की एक विनम्र कोशिश है जो हमारे दिल की गहराइयों में छुपे होते हैं।इस पुस्तक में आप क्या महसूस करेंगे

Description

भावनाएं जीवन की सबसे खूबसूरत और जीवंत तस्वीरें होती हैं। जिस प्रकार बारिश के बादलों को चीरती हुई धूप और पानी की बूंदें मिलकर एक मनमोहक इंद्रधनुष बनाती हैं, ठीक उसी प्रकार हमारे जीवन में आने वाले सुख-दुख, प्रेम, विरह, उत्साह और निराशा के पल मिलकर ‘इंद्रधनुषी एहसास’ का निर्माण करते हैं।यह पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह जिंदगी के किसी-न-किसी मोड़ पर महसूस किए गए उन सभी रंगों को पन्नों पर उतारने की एक विनम्र कोशिश है जो हमारे दिल की गहराइयों में छुपे होते हैं।इस पुस्तक में आप क्या महसूस करेंगे

उम्मीद और आशा का रंग
जो आपको मुश्किलों से लड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
प्यार और अपनापन
जो सीधे आपके दिल को छू लेगा।
उदासी और संघर्ष के पल
जो आपको अपने भीतर झांकने का एक मौका देंगे।
खुशी और बालसुलभ मासूमियत
जो आपके चेहरे पर एक मुस्कान बिखेर देगी।यह पुस्तक हर उस पाठक के लिए है, जो जिंदगी को उसकी संपूर्णता में जीना और महसूस करना चाहता है। यह आपको हंसाएगी, रुलाएगी और अंततः जीवन की सच्चाई और सुंदरता से प्यार करना सिखाएगी।
आइए, इस साहित्यिक सफर पर चलें और अपने भीतर जिंदगी के इन सतरंगी रंगों को महसूस करें!

ग़ज़ल की रवानगी के साथ-साथ इसमें कुण्डलिया की ठसक, कहमुकरी की शरारत, दोहे की चोट, हाइकू की नज़ाकत और ताँका का विस्तार भी मिलेगा।

नाम इंद्रधनुषी एहसास क्यों?
क्योंकि ज़िंदगी एकरंगी नहीं होती।

इसमें माँ शारदे की वंदना है, तो भारत माँ के लिए देश प्रेम से ओतप्रोत संकल्प भी। माँ की ममता का आँचल है, तो बहन की राखी का पवित्र धागा भी। बिटिया की निश्छल हँसी है, तो त्योहारों का उल्लास भी।

यहाँ इश्क़ का पहला ख़त है, तो सजनी से हास-परिहास भी। भक्ति का समर्पण है, तो वैराग्य का चिंतन भी। प्रेरणा के स्वर हैं, तो शुभ-संकल्प की लौ भी।

संक्षेप में — जो भी मानवीय है, जो भी हृदय को छू जाए, वो सारे एहसास यहाँ इंद्रधनुष के रंग बनकर बिखरे हैं।

Book Details

Available Format

Paperback

ISBN

9789374260661

Language

Hindi

Page Count

276

Published Year

2026

Size

5×8 in

Author

Chandra Shekhar Sahu

Publisher

OrangeBooks Publication

Reviews

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Indradhanushi Ehasas”