Description
‘विरक्त’ प्रेम, विरह, स्मृतियों और आत्ममंथन से होकर स्वयं तक पहुँचने की एक भावनात्मक साहित्यिक यात्रा है। इस काव्य-संग्रह में प्रेम की मासूम शुरुआत से लेकर बिछड़ने की टीस, इंतज़ार, अनकहे संवाद और उन यादों तक की कहानी है जो समय के साथ भी मन में कहीं रह जाती हैं।
इन रचनाओं में प्रेम केवल पाने का नाम नहीं, बल्कि महसूस करने, स्वीकार करने और अंततः स्वयं को समझने की प्रक्रिया भी है। कुछ कविताएँ रिश्तों और स्मृतियों को छूती हैं, तो कुछ जीवन, अकेलेपन, इच्छाओं और भीतर के द्वंद्व से संवाद करती हैं।
‘विरक्त’ उन भावनाओं के लिए है जिन्हें शब्दों में कहना कठिन होता है और शायद इसलिए कविता में कहना ज़रूरी होता है।







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