Biography

विमलेश चंद्र
विभिन्न विषयों पर 600 से ज्यादा रेलवे लेख प्रकाशित, गुगल पर 50 हजार फ़ोटो और यू टयूब पर 600 वीडियो शेयर हैं। कई पत्रिकाओं ने लेखक की रेलवे से जुड़े कई लेखों के लिए अपनी अपनी पत्रिका का कवर पेज लेख बना चुकी हैं। कपड़ों का शौक इतना कि 60 अलग अलग रंग के शर्ट और अलग अलग रंग के 120 कैप (टोपी) हैं, साथ ही साथ अलग अलग रंग के 3 दर्जन से ज्यादा पैंट भी हैं। रेलवे पर 8 पुस्तक प्रकाशित और रेलवे से जुड़े यूनिक कार्य और कलेक्शन के लिए लेखक को तीन बार लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान और प्रमाण पत्र मिल चुका है। रेलवे से प्रकाशित 100 से ज्यादा काफी टेबल बुक, 260 से ज्यादा रेलवे बुक, बहुत सारे पुराने रेलवे टाइम टेबल और रेलवे रिपोर्ट लेखक के पास कलेक्ट हैं। हिन्दी में लिखने पढ़ने के कारण लेखक को राजभाषा हिन्दी और रेलवे कार्य से सम्बंधित दो दर्जन से ज्यादा विभागीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। लेखक के एक पुस्तक “भारतीय रेल के गौरवपूर्ण 170 वर्ष” को भारत सरकार की सबसे बड़ा हिन्दी पुरस्कार “राजभाषा गौरव पुरस्कार” प्राप्त हो चुका है। लेखक द्वारा रेलवे से जुड़े 30 साल में खींचे गए रेलवे स्टेशन भवन, रेलगाड़ी, रेलवे पुल और रेल इंजन से जुड़े लगभग 10 लाख फ़ोटो कलेक्ट हैं। लेखक, कश्मीर रेलवे और अगरतल्ला रेलवे क्षेत्र को छोड़ कर लगभग पूरे भारत का पर्यटन कर चुके हैं। पारिवारिक रिश्तों के नाम वाले रेलवे स्टेशन की खोज-वर्ष 2016 में इनके द्वारा किया था। फिर यह पूरे देश में TV, समाचार पत्र, सोशल मीडिया इत्यादि पर वायरल हुआ था। लेखक, भारतीय रेल के साथ साथ विश्व रेलवे के बारे में भी काफी गहराई से जानकारी रखते हैं। रेलवे के यांत्रिक (मेकेनिकल) विभाग में मेकेनिकल ऑफिसर के तौर पर भावनगर, अहमदाबाद, वडोदरा मंडल में कई पदों पर कार्य कर चुके हैं और वर्ष 2021 में 30 वर्ष की रेल सेवा पूरा होने के बाद स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले लिया था।
