Description
बारिश और तुम कुछ कहानियाँ बहुत छोटी होती हैं… लेकिन उनकी यादें पूरी ज़िंदगी साथ रहती हैं। आलोक और आलिया की कहानी भी ऐसी ही एक कहानी है। एक स्कूल, एक खिड़की वाली सीट, कुछ छोटी-छोटी बातें, और एक मासूम दोस्ती जो धीरे-धीरे एक अनकहे एहसास में बदलने लगी। लेकिन हर कहानी मुकम्मल नहीं होती… कुछ लोग बस यादों में रह जाते हैं। “बारिश और तुम” एक ऐसी कहानी है जो आपको आपके स्कूल के दिन और पहली अधूरी मोहब्बत की याद दिला देगी। — “बारिश हुई तो याद आया… कुछ लोग मौसम की तरह होते हैं, आते हैं… और याद बनकर रह जाते हैं।” — अभय दिवाकर







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