Description
गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस का हिन्दी साहित्य में ही नहीं वरन पूरे जगत साहित्य में एक विशिष्ट स्थान है। इतना उत्तम महाकाव्य काव्य कला की सभी दृष्टि से सर्वोत्तम है जिसमे भक्ति के साथ साथ श्रीराम के चरित्र द्वारा अनेक नीतिगत बातों को विस्तृत रुप से दोहों, चौपाइयों और छन्दों के माध्यम से समझाया गया है।
श्रीराम चरित मानस में वर्णित प्रबंधन सूत्र आज के समय में भी प्रासंगिक है। लगभग ४०० वर्षों के अंतराल के बाद भी इस महाकाव्य में वर्णित नीतिगत सिद्धांत एक सफल प्रबन्धन की कुंजी है। श्रीराम के व्यक्तित्व द्वारा मानव जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में किस प्रकार संयमित निर्वहन करना है, इसका विशेष रुप से वर्णन किया गया है। विभिन्न चौपाइयों, दोहों और छन्दों के द्वारा वर्णित • प्रबंधन सूत्र बहुत ही सरलता से ग्राहय है और मार्गदर्शन करते हैं।
प्रस्तुत संकलन में लेखक द्वारा गहन विश्लेषण करने पर जो प्रबन्धन सूत्र श्री रामचरित मानस के विभिन्न कांड में पाये गये उनको क्रम वार और उदाहरण सहित व्याख्या करने का प्रयास किया गया है।







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